70 के दशक की सबसे बेहतरीन अदाकारा की बात की जाएगी तो उसमें जीनत अमान का नाम सबसे ऊपर शामिल किया जाएगा. जीनत अमान की अदाकारी से हर कोई प्रभावित है. जीनत अमान की जितनी एक्टिंग की तारीफ की गई उतनी ही इनकी पर्सनल लाइफ को लेकर भी सवाल उठे.

जीनत की पर्सनल लाइफ काफी सुर्खियों में रही है. जीनत अमान ने अपने समय के हर बड़े अभिनेता के साथ किरदार निभाया था और खूब लोकप्रियता बटोरी थी. इस अभिनेत्री का नाम अपने दशक के सुपरहिट अभिनेताओं में शामिल रहे राज कपूर के साथ भी कई बार जोड़ा गया. वहीं सत्यम शिवम सुंदरम फिल्म को लेकर भी इन दोनों के कई किस्से मशहूर हैं. आज हम आपको इसी जुड़े एक किस्से के बारे में बताएंगे.

अभिनेता राज कपूर एक बेहतरीन एक्टर होने के साथ-साथ एक फिल्म मेकर भी थे उन्होंने कई फिल्मों को प्रोड्यूस किया था. राज कपूर अपनी फिल्मों की मेकिंग के दौरान पर्दे पर जान डालने के लिए वह अपनी पूरी जान लगा देते थे. ऐसे ही एक प्रोजेक्ट पर जब राज कपूर काम कर रहे थे उस वक्त उन्हें अपनी फिल्म की हिरोइन ढूढने से भी नहीं मिल पा रही थी.

सत्यम शिवम सुंदरम फिल्म के लिए हीरोइन ढूंढ पाना उनके लिए मुश्किल हो रहा था और इस दौरान इन्होंने कई ऑडिशन भी लिए लेकिन कोई बात नहीं बनी, कुछ समय तक ऐसा ही चलता रहा. एक समय पर आकर राज कपूर थम गए लेकिन उस समय पर राज कपूर एक और फिल्म की मेकिंग कर रहे थे और इस फिल्म में जीनत अमान किरदार निभा रही थीं.

इसके बाद जब जीनत अमान राज कपूर से मुलाकात करने आरके स्टूडियो पहुंची तो वहां पर उन्हें गार्ड ने अंदर नहीं जाने दिया जब उन्होंने कहा कि राज कपूर से कहो रूपा आई है, तो वह अंदर गया और राज कपूर ने कहा कि उसे अंदर लेकर आओ क्योंकि राज कपूर जीनत अमान को रूपा के नाम से बुलाते थे.

इस दौरान दौरान जीनत अमान चोली लहंगा पहनकर पहुंची थी जब राज कपूर उन्हें देखा तो वह उनसे काफी प्रभावित हुए और उन्हें तुरंत ही फिल्म के लिए कास्ट कर लिया गया. दरअसल, उस समय राजकुमार इनको फिल्म के लिए कुछ अमाउंट देना चाहते थे लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे तभी उन्होंने सोने के सिक्के लिए और जीनत अमान को थमा दिए.