आपको मोगली के बारे में बचपन में बहुत सारी कहानियां सुनने को मिली होंगी, और कई बार फिल्मों में भी आपने मोगली के बारे में देखा होगा और सुना होगा.

लेकिन आज हम आपको एक रियल मोगली के बारे में बतायेंगें, जिसे जानकर आप यकीनन विश्वास नहीं कर पाएंगे. यह कहानी है पूर्वी अफ्रीका के जंगलों में रहने वाले एली (aelly) की  एली की उम्र अभी 21 साल है. बताया जाता है कि 5 साल की उम्र में ही एली अपने घर से जंगलों में रहने के लिए चला गया था.

उसकी मां बताती है कि जब एली 5 साल की उम्र में स्कूल जाता था तो उसे बच्चे चिढ़ाते थे इस समस्या से तंग आकर उसने स्कूल छोड़ दिया और जंगल में जाने का सोचा. एली को माइक्रोसैफली नामक एक डिसऑर्डर है इसमें इंसान का सिर आम लोगों की तुलना में छोटा होता या बड़ा होता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक बताया गया है कि एली पिछले काफी सालों से जंगलों में रह रहा है, और वहां के काफी तौर तरीके सीख गया है यह सब कारणों की वजह से एली को मोगली के नाम से बुलाया जाता है.

और हमारे समाज में देखा जाता है कि ऐसे लोगों के साथ हमेशा से ही भेदभाव किया जाता है, लेकिन किसी के साथ ऐसा भेदभाव नहीं होना चाहिए। आपको बताते चलें कि “द जंगल बुक” के अनुसार अभी तक मोगली का सही नाम नहीं पता लग पाया है.

कैसे हुआ मोगली का जन्म

ऐसा कहा जाता है कि किपलिंग को एक बार भारत की नदियों और जंगलों की सैर करने का मौका मिला. उसी दौरान एक फॉरेस्ट रेंजर गिसबार्न ने रुडयार्ड किपलिंग को एक बालक के शिकार करने की क्षमताओं के बारे में बताया. जंगली जानवरों के बीच लालन-पालन होने के कारण उस बालक में यह गुण विकसित हुआ था.

कौन थे रुडयार्ड किप्पलिंग

Unseen tales reveal the young Rudyard Kipling honing his skills | Rudyard  Kipling | The Guardianरुडयार्ड किपलिंग का जन्म भारत में हुआ था और उन्होंने अपनी शैशव अवस्था के प्रथम छह वर्ष भारत में बिताये, इसके उपरान्त लगभग दस वर्ष इंग्लैंड में रहने के बाद वे फिर भारत लौटे और लगभग अगले साढ़े छह साल तक यहीं रह कर काम किया. इन कहानियों को रुडयार्ड ने तब लिखा था जब वो वर्मोंट में रहते थे. जंगल बुक के कथानक में मोगली नामक एक बालक है जो जंगल मे खो जाता है और उसका पालन पोषण भेड़ियों का एक झुंड करता है, अंत मे वह गाँव में लौट जाता है।