कहते हैं कि फ़िल्में समाज का आइना होती हैं. ये बात हाल ही में घटी एक घटना से पूरी तरह सोलह आने सच साबित होती है. दरअसल ये कहानी है उत्तर प्रदेश के शहर प्रयागराज की जहां नई नवेली दुल्हन बनने जा रही आरती नाम की लड़की के साथ एक हादसा हो गया और शादी के मंडप की जगह वह अस्पताल के बेड पर पहुंच गई . जी हां, दरअसल आरती के हाथों में मेहंदी लग चुकी थी. घर में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थी.

बस कुछ ही घंटों में आरती को अपने पिया अवधेश के घर विदा होकर हमेशा-हमेशा के लिए ससुराल जाना था लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था. 8 दिसंबर, 2020 को बारात आने से पहले आरती अपने तीन साल के भतीजे को बचाने के चक्कर में छत से नीचे गिर गई. आरती का भतीजी खेल-खेल में छत से गिरने ही वाला था लेकिन आरती ने उसे बचा लिया और बैलेंस बिगड़ने के कारण खुद छत से गिर गई जिसके कारण उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई और उसके दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया.

आरती की हालत देख मायके वालों के माथे पर चिंता की लकीरें उठ गईं. उन्हें आरती की शादी का सपना दूर की कौड़ी लगने लगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. जब आरती के होने वाले दूल्हे अवधेश को ये बात पता चली तो वो दौड़ा-दौड़ा अस्पताल पहुंचा और उसकी देख-रेख करने लगा. उसने कहा कि शादी तोड़ने का सवाल ही नहीं उठता और वह ज़िंदगी में किसी को अपनी अर्धांगिनी बनाएगा तो वो आरती ही होगी. बस फिर क्या था डॉक्टर से सलाह-मशविरा कर घरवाले कुछ घंटों के लिए आरती को घर ले गए और बेड पर लेटे-लेटे ही शादी की सारी रस्में निभाकर आरती की अवधेश से शादी हो गई. अब आप सोच रहे होंगे कि इस घटना का बॉलीवुड फिल्मों से भला क्या कनेक्शन?

तो हम आपको बता दें कि 2006 में रिलीज हुई डायरेक्टर सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘विवाह’ में भी बिलकुल ऐसा ही देखने को मिला था. फिल्म की हीरोइन अमृता राव अपनी चचेरी बहन को आग से बचाने के चक्कर में खुद झुलस जाती है. अगले ही दिन उसकी शादी होने वाली होती है. सबको लगता है कि अब शादी नहीं हो पाएगी लेकिन हीरो शाहिद कपूर अमृता से सादगी से शादी कर उसे अपनी पत्नी बना लेते हैं और उसकी खूब देखभाल करते हैं. उन्हें अमृता के शरीर पर आए जले के निशानों से कोई फर्क नहीं पड़ता और वो उन्हें उतनी ही खूबसूरत दिखाई देती हैं जितनी कि पहले लगा करती थीं.