बॉलीवुड एक्टर कबीर बेदी ने हाल ही में अपनी ऑटोबायोग्राफी ‘स्टोरीज आई मस्ट टेल: एन इमोशनल जर्नी ऑफ़ एन एक्टर’ रिलीज़ की है. इस किताब में उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़े कई खुलासे किए हैं. खासकर उन्होंने परवीन बाबी से अपने रिश्तों पर बात की है जिनके साथ वह कुछ सालों तक रिलेशनशिप में थे. परवीन को मानसिक परेशानी थी औ वह सिजोफ्रेनिया की शिकार थीं जिसका असर उनकी पर्सनल लाइफ से लेकर प्रोफेशनल लाइफ पर पड़ा. परवीन को किसी का साथ नहीं भाया और वह अकेले ही जीवन गुजारने लगीं.

कबीर ने एक इंटरव्यू में कहा, परवीन को मानसिक परेशानी बचपन से ही रही होगी क्योंकि उन्हें घर के आसपास के स्मारकों में भी आत्माएं दिखा करती थीं. यह घर पुश्तैनी था और परवीन के पुरखे कभी हुमायूं के लिए काम किया करते थे. एक बार परवीन की हालत बहुत खराब थी तो उन्हें देखकर उनकी मां ने महेश भट्ट से कहा था, परवीन के पिता भी ऐसे ही हुआ करते थे’ तो मेरा सवाल है कि क्या परवीन को जो परेशानी थी वो जेनेटिकली भी थी.


कबीर ने ये भी बताया कि 1980 के आसपास परवीन इंडिया छोड़कर चली गई थीं और फिर कुछ सालों बाद लौट आई थीं. इस दौरान कबीर के बारे में कई बातें लिखी गईं कि रिलेशनशिप में रहने के दौरान एक्टर ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर दिया जिसकी वजह से वह पागल हो गईं. कबीर के मुताबिक असलियत ये थी कि परवीन को प्यार और मदद की जरूरत थी. उनके ना चाहते हुए भी वह उनके साथ खड़े हुए क्योंकि वह उनसे प्यार करते थे.


कबीर ने अपनी किताब में लिखा है कि परवीन की मौत काफी दर्दनाक थी और गैंगरीन से उनका एक पैर सड़ चुका था. उनकी लाश कई दिनों सड़ती रही थी और फिर उनके जुहू फ्लेट का ताला तोड़कर उनकी लाश को निकाला गया था. उनके अंतिम संस्कार में उनके तीनों ब्वॉयफ्रेंड-महेश भट्ट, डैनी और कबीर बेदी पहुंचे थे औ फिर उन्हें कब्रिस्तान में दफनाया गया था. परवीन ने शान, सुहाग, काला पत्थर, अमर अकबर एंथनी जैसी फिल्मों में काम किया था.20 जनवरी, 2005 को उनका निधन हो गया था.