बॉलीवुड के लीजेंड्री कॉमेडियंस में से एक और सबको हंसाने वाले जॉनी लिवर एक समय खुद की जान लेना चाहते थे. जी हां, यह बात सोलह आने सच है, जॉनी ऐसा क्यों करने वाले थे इसकी जानकारी हम इस आर्टिकल में आपको देंगे साथ ही बताएंगे इंडस्ट्री के इस बेहतरीन एक्टर से जुड़ीं कुछ और भी दिलचस्प बातें…

जॉनी लिवर एक बेहद गरीब परिवार से आते हैं.जॉनी का जन्म 14 अगस्त 1956 को आंध्र प्रदेश के प्रकाशम ज़िले में हुआ था, बताया जाता है कि जॉनी के पिता प्रकाश राव हिन्दुस्तान लिवर कंपनी में काम करते थे. बताते हैं कि जॉनी के पिता को शराब पीने के बुरी लत लग चुकी थी. इससे होता यह था कि वो जो भी कमाते उसे शराब में खर्च कर देते थे साथ ही घर और बाहर सबसे झगड़ा करते थे.

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पिता की आदत से परेशान जॉनी लिवर जान देना चाहते थे लेकिन कहते हैं कि बाद में उनका मन बदल गया और उन्होंने सुसाइड का प्लान कैंसिल कर दिया था. जॉनी लिवर मात्र सातवीं क्लास तक पढ़ें हैं जिसके बाद परिवार को सपोर्ट करने के लिए उन्होंने छोटा-मोटा काम धंधा करना शुरू कर दिया था. जॉनी लिवर स्टार्स की मिमिक्री अच्छी करते थे और उनकी आवाज़ में ही सड़कों पर पैन बेचा करते थे. आपको बता दें की जॉनी लिवर का असली नाम जॉन राव था.

जॉनी लिवर नाम उन्हें हिन्दुस्तान लिवर कंपनी में हुए एक आयोजन के बाद मिला था. बताया जाता है कि जॉनी की नौकरी हिन्दुस्तान लिवर कंपनी में लग गई थी और यहां उन्होंने एक फंक्शन में अपने सीनियर्स और साथ काम करने वालों की हूबहू नक़ल उतारी थी जिसे खूब पसंद किया गया. इसके बाद ही लोग उन्हें जॉनी लिवर बुलाने लगे थे. आपको बता दें कि जॉनी लिवर को फिल्मों में सुनील दत्त साहब लेकर आए थे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार साल 1982 में आई फिल्म ‘दर्द का रिश्ता’ में सुनील दत्त ने जॉनी लिवर को ब्रेक दिया था. जॉनी लिवर की कुछ बेहतरीन फिल्मों की बात की जाये तो इसमें बादशाह,फिर हेरा फेरी, गोलमाल, हाउसफुल,बाज़ीगर,कोई मिल गया जैसी फ़िल्में शामिल हैं.