गोविंदा की बेटी टीना ने कहा, मैंने नेपोटिज्म का कोई फायदा नहीं उठाया, मुझे अपने दम पर फ़िल्में मिलीं

0
150

बॉलीवुड में नेपोटिज्म का हल्ला आए दिन मचता रहता है. आए दिन ये कहा जाता है कि फिल्म स्टार्स के बच्चों को फिल्मों में इतनी आसानी से मौके मिलते हैं जितने किसी आउटसाइडर को पूरे जीवन में नसीब नहीं होते. हमेशा से यही माना जाता रहा है कि स्टारकिड्स को बॉलीवुड में हाथों हाथ लिया जाता है और नेपोटिज्म के कारण उन्हें फ़िल्में मिलने में कोई कठिनाई नहीं आती. इस बीच गोविंदा की बेटी टीना आहूजा भी नेपोटिज्म की डिबेट में कूद पड़ी हैं. एक इंटरव्यू में टीना ने कहा कि उन्होंने बॉलीवुड में काम पाने के लिए कभी अपने पिता के नाम का इस्तेमाल नहीं किया.

टीना ने कहा, मैं अगर नेपोटिज्म का प्रोडक्ट होती तो अब तक 30-40 फ़िल्में कर चुकी होती.मेरे पिता ने मुझे काम दिलाने के लिए कभी किसी से बात नहीं की, मुझे कभी भी नेपो-किड नहीं बुलाया जा सकता क्योंकि मैंने जितनी भी फ़िल्में की हैं, उन्हें अपने दम पर हासिल किया है. मुझे जो भी ऑफर मिले हैं वो मुझे अपने टैलेंट के बल पर मिले हैं इसमें मेरे पिता ने मेरी कोई मदद नहीं की. उन्हें ये पता होता है कि मैं क्या करती हूं और क्या नहीं. उन्हें हर चीज़ की रिपोर्ट मिलती रहती है कि मेरी लाइफ में क्या चल रहा है लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि वो मेरे काम में दखल दें. पापा ने मुझे फिल्म दिलाने के लिए कभी किसी को कॉल नहीं किया तो मुझे नेपो किड नहीं कहा जा सकता.

टीना ने आगे कहा कि गोविंदा उनकी कोई फिल्म प्रोड्यूस करने की इच्छा रखते हैं तो हो सकता है कि भविष्य में वो ऐसा करें. टीना के बॉलीवुड करियर की बात करें तो उन्होंने 2015 में सेकंड हैंड हसबैंड में गिप्पी ग्रेवाल के अपोजिट काम किया था. इस फिल्म में गीता बसरा और धर्मेंद्र भी थे और ये फिल्म फ्लॉप साबित हुई थी.

वहीं गोविंदा की बात करें तो उनका नाम 90 के दशक के सुपरस्टार्स की लिस्ट में शामिल किया जाता है. गोविंदा अपनी डांसिंग स्किल्स और एक्टिंग के दम पर बॉलीवुड फैन्स के दिलों पर राज करते हैं. सन 2000 के आसपास उनका फ़िल्मी करियर बुरे दौर से गुजरा था. वह 2019 में फिल्म रंगीला राजा में नज़र आए थे जो कि फ्लॉप साबित हुई थी.