बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेता सोनू सूद को लोगों ने मसीहा का नाम दे दिया था. दरअसल लॉकडाउन 2020 में सोनू सूद ने काफी गरीब लोगों की मदद की थी जिससे लोगों ने उनको भगवान का दर्जा देना शुरू कर दिया था. सोनू ने बहुत ही ज्यादा मात्रा में लोगों की मदद की थी और इस दौरान सोनू सूद ने कई चैरिटेबल फंड भी शुरू किए थे.

लेकिन बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद के खिलाफ आयकर विभाग ने बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के आरोप लगाए हैं. जिसकी जांच आयकर विभाग ने शुरू कर दिए है. आईटी विभाग को विभिन्न परिसरों में बड़े पैमाने पर तलाशी और जब्ती करने के बाद 20 करोड़ की टैक्स चोरी के बारे में पता चला है. विभाग ने बताया कि फर्जी पास सुरक्षित लोगों और संस्थाओं के रूप में सोनू सूद की बेहिसाब आय का पता लगातार चलते ही जा रहा जिससे सोनू सूद की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है.

आपको बता दें कि विभाग ने सोनू के उपर काफी बड़े-बड़े आरोप लगाए हैं – पहला सबसे बड़ा आरोप आयकर विभाग ने लगाया है कि सोनू सूद ने जून 2020 में कोरोना महामारी में राहत कार्यों के लिए एक चैरिटेबल फाउंडेशन शुरू किया था. इस फाउंडेशन में अभी तक 18.94 करोड रुपए चंद इकट्ठा हुआ था लेकिन इसको विभिन्न तरह के राहत कार्यों में यूज किए गए जिसमे सिर्फ 1.90 करोड़ के आस पास ख़र्चा हुआ बाकी के 17 करोड़ अनुपयोगी पाए गए.

आयकर विभाग का दूसरा सबसे बड़ा आरोप है कि सोनू सूद को विदेशों से काफी मोटे तगड़े फंडिंग हुई है जिसमें एफसीआरए मानदंडों का उल्लंघन हुआ है. तीसरा सबसे बड़ा आरोप जेपी कंपनी से 25 करोड़ के लेनदेन का है. चौथा सबसे बड़ा आरोप आयकर विभाग ने लगाया है कि जेपी कंपनी का 175 करोड़ का सर्कुलर लेन-देन सही नही पाया गया है जिसमें आगे की जांच तेजी से की जा रही है.

और पांचवां सबसे बड़ा आरोप आयकर विभाग ने लगाया है कि सोनू सूद ने नगद के बदले चेक जारी करना स्वीकार किया था और इस चेक में टैक्स चोरी की कुल 20 करोड़ रुपए बताई जा रही है. इनके पास 20 करोड़ का अनफेड इनकम टैक्स पाया गया. फिलहाल सोनू सूद की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं.