आए दिन हम बॉलीवुड में किसी न किसी एक्टर की संघर्ष की कहानी सुनते रहते हैं, और इसी में से एक नाम है अनुपम खेर का जो अपनी अदाकारी, डायलॉग और अपने बेबाक अंदाज के लिए  पूरे बॉलीवुड में मशहूर हैं. पर क्या आपको पता है उन्होंने मुंबई में सिर्फ 37 रुपये लेकर कदम रखा था. एक इंटरव्यू में अनुपम खेर ने कहा था वह जब मुंबई में कलाकार बनने आए थे तो उनकी जेब में केवल 37 रूपये थे, और उन्होंने कई रात रेलवे प्लेटफार्म पर गुजारे थे.

आज अनुपम खेर को बॉलीवुड इंडस्ट्री में 37 साल पूरे हो गए हैं, और उन्होंने 500 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया है. और अनुपम खेर के अदाकारी की तारीफ उनके फैंस ही नहीं ब्लकि बॉलीवुड के कई बड़े सितारे भी करते हैं.

Anupam Kher Takes On Government For Handling COVID-19 Crisis - There is  More To Life Than Image Buildingआपको बता दें कि 25 मई 1984 में आई फिल्म सारांश  Saaransh) से अनुपम खेर ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में कदम रखा था. महेश भट्ट की इस फिल्म में अनुपम खेर ने 28 साल की उम्र में एक 70 साल के बूढ़े का किरदार निभाया था. सिर्फ 28 साल की उम्र में उन्होंने इस किरदार में इतनी जान डाल दी थी, कि फिल्म रिलीज होने के बाद हर तरफ उनकी ही तारीफ हो रही थी. और इस फिल्म के बाद अनुपम खेर को एक अलग पहचान मिली.

Somwhere They Have Slipped: Anupam Kher Holds Govt Responsible For  Worsening Covid Situationबता दें फिल्म सारांश अनुपम खेर को बहुत ही मुश्किल से मिली थी, फिल्म शूटिंग होने से 6 महीने पहले से ही अनुपम खेर ने इस फिल्म की तैयारी शुरू कर दी थी, पर फिल्म की शूटिंग शुरू होने से कुछ दिन पहले उन्हें पता चला कि महेश भट्ट उन्हें इस फिल्म से निकाल रहे हैं, और संजीव कपूर को अनुपम खेर की जगह ले रहे हैं. यह खबर मिलते ही उन्होंने मुंबई छोड़ने का फैसला कर लिया, और अपना सामान बांध कर एक टैक्सी से रेलवे स्टेशन की तरफ चल दिए, रेलवे स्टेशन जाते हुए उन्होंने रास्ते में सोचा कि एक बार महेश भट्ट से बात कर लिया जाए.

I have been taught to not bite the hands that feed': Anupam Kher on Mahesh  Bhatt's connection to Sushant's deathउसके बाद वो महेश भट्ट से बात करने के लिए उनके घर गए, उन्होंने गुस्से में महेश भट्ट को काफी बुरा भला भी कह दिया, और कहने के बाद उन्होंने महेश भट्ट से बोला कि अब वह मुंबई छोड़कर जा रहे हैं. यह सुनकर महेश भट्ट ने यह फैसला किया कि यह फिल्म अनुपम खेर को ही मिलनी चाहिए. यह सारी बातें अनुपम खेर ने खुद एक इंटरव्यू में कहा था.